क्यों???

             क्यों???

क्यों किसीको लटकाना पडे?
क्यो किसीको पछताना पड़े?

हर नारी के सम्मान में झुके हम
क्यो किसीको शरमाना पड़े?

कीड़े को पनपने ना दे खुद में,
क्यो किसीको जल्लाना पड़े?

हर जगह वह सुरक्षित महसूस करे,
क्यो किसीको डरना पड़े?

आओ हम समानता की ओर बढ़े,
क्यो किसीको मुँह ढकना पड़े?

हर घर मे हो संस्कारो की शिक्षा,
क्यो किसीको बहकना पड़े?

इंसान है तो इंसानियत रखे,
क्यो किसीको समजाना पड़े?

#जयेश केलर

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